आरा मिल में मजदूरी करने वाले पिता का बेटा बना इंजीनियर, संघर्ष और मेहनत से हासिल की बड़ी कामयाबी

Darshan Balod
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खेमलाल जांगड़े का लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता पद पर चयन, परिवार और गांव में खुशी का माहौल

बालोद। कहते हैं कि मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के आगे आर्थिक तंगी भी रास्ता नहीं रोक सकती। ग्राम चिल्हाटी खुर्द के खेमलाल जांगड़े ने इस बात को साबित कर दिखाया है। आरा मिल में मजदूरी करने वाले पिता धनराज जांगड़े और खेतों में मजदूरी करने वाली मां गोमती बाई के बेटे खेमलाल का चयन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सब इंजीनियर) के पद पर हुआ है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी की लहर है।

माता-पिता के संघर्ष का मिला परिणाम

खेमलाल के पिता धनराज जांगड़े आरा मिल में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, वहीं मां गोमती बाई खेतों में मजदूरी करती हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद दोनों ने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। कठिन परिस्थितियों के बीच बेटे को पढ़ाने के लिए किए गए माता-पिता के संघर्ष का परिणाम आज सफलता के रूप में सामने आया है।

बड़े भाई ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

खेमलाल की सफलता में उनके बड़े भाई प्रकाश जांगड़े का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्वयं शिक्षित होने के कारण प्रकाश पढ़ाई के महत्व को समझते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्होंने छोटे भाई की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी और उसे लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

खेमलाल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी और अग्रणी रहे हैं। उनकी मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम है कि उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता जैसे महत्वपूर्ण पद पर चयन हासिल किया।

डौंडी में हुई पहली पदस्थापना

चयन के बाद खेमलाल जांगड़े की प्रथम पदस्थापना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड कार्यालय, डौंडी, जिला बालोद में हुई है। उनकी सफलता से परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

कर्मचारी-अधिकारी प्रकोष्ठ ने किया सम्मान

खेमलाल की सफलता पर कर्मचारी/अधिकारी प्रकोष्ठ चिल्हाटी खुर्द की ओर से उनका सम्मान किया गया। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ए.आर. मंडलोई सहित अंकालू राम भारती, ओ.पी. चंदेल, सुखचैन मंडलोई, हीरावत पाथरे, डोमेंद्र चंदेल एवं सुरेंद्र मंडलोई ने खेमलाल को तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर एवं गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।

खेमलाल की यह सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। परिवार के संघर्ष, बड़े भाई के मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल कर गांव और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है।

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