ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, जेल गेट के बाहर मिली स्कूटी; डिक्की से मोबाइल और पत्र मिलने के बाद मामला गहराया
बालोद। जिला जेल में पदस्थ जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा (42) के 13 अगस्त की सुबह से लापता होने का मामला लगातार उलझता जा रहा है। ड्यूटी के लिए घर से निकले प्रहरी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। उनकी स्कूटी जेल गेट के बाहर मिली, जिसकी डिक्की से मोबाइल और एक पत्र बरामद होने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
लापता प्रहरी की पत्नी किरण वर्मा ने बालोद थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि महेंद्र वर्मा 13 अगस्त की सुबह करीब 5:45 बजे शिकारीपारा स्थित अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। सामान्य तौर पर वे रात करीब 10:30 बजे तक ड्यूटी से घर लौट आते थे, लेकिन उस दिन वापस नहीं आए।
परिजनों ने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर तलाश की, लेकिन महेंद्र का कोई पता नहीं चला। परिजन प्रदीप वर्मा, दुवाद वर्मा और सागर वर्मा ने भी उनके साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है।
स्कूटी की डिक्की से मिला पत्र, अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस के अनुसार महेंद्र वर्मा की स्कूटी जेल गेट के बाहर खड़ी मिली। उसकी डिक्की से उनका मोबाइल और एक पत्र मिला है। पत्र में उच्च अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। पत्र में स्वयं को तलाश नहीं करने और जल समाधि लेने की बात लिखे होने की जानकारी भी सामने आई है।
परिजन इस पत्र को आत्मघाती कदम की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पत्नी की शिकायत पर अपहरण का अपराध दर्ज
पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत अपहरण का अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब लापता प्रहरी की तलाश के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
विचाराधीन बंदी को मोबाइल देने का भी आरोप
मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सहायक जेल अधीक्षक एस.के. कुर्रे के अनुसार 12 अगस्त को एक विचाराधीन बंदी की तलाशी के दौरान उसके अंडरवियर से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। पूछताछ में बंदी ने कथित तौर पर बताया कि मोबाइल उसे जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा ने दिया था।
जेल प्रशासन के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में भी इस घटना की पुष्टि होने की बात सामने आई है। इसके अगले ही दिन 13 अगस्त को महेंद्र वर्मा अपनी स्कूटी जेल परिसर के बाहर छोड़कर लापता हो गए। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना कलेक्टर, एसपी और थाना प्रभारी को दे दी थी।
अपहरण से लेकर प्रताड़ना और मोबाइल मामले तक जांच
थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। स्कूटी में ही मोबाइल मिलने के कारण मोबाइल की लोकेशन के आधार पर तलाश करने में दिक्कत आ रही है। पुलिस अपहरण की आशंका, पत्र में लगाए गए प्रताड़ना के आरोप और विचाराधीन बंदी को मोबाइल देने के मामले समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच और तलाश कर रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ड्यूटी के लिए निकले महेंद्र वर्मा आखिर कहां गए और स्कूटी, मोबाइल व पत्र जेल गेट के बाहर छोड़ने के पीछे क्या वजह थी। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
