सार्वजनिक भवनों, मंदिरों, स्कूलों, उपस्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और उचित मूल्य दुकान में जलाए दीप; ग्रामीणों ने लिया सेवा संकल्प
डौंडीलोहारा। वनांचल क्षेत्र के शिल्पग्राम किल्लेकोड़ा में 17 सितंबर को सेवा संकल्प, विश्वकर्मा पूजा पर्व और दीप प्रज्ज्वलन का विशेष आयोजन किया गया। गांव के विभिन्न सार्वजनिक एवं शासकीय संस्थानों को 1001 दीपों से रोशन किया गया। आयोजन का उद्देश्य सेवा, सृजन और सामाजिक सहभागिता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत भवन, मंदिर, शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हायर सेकेंडरी स्कूल, उपस्वास्थ्य केंद्र, शासकीय उचित मूल्य दुकान तथा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 सहित विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। शाम होते ही इन स्थानों पर जलते दीपों से पूरा किल्लेकोड़ा जगमगा उठा।
आयोजकों के अनुसार 17 सितंबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को स्मरण करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को भी इससे जोड़ा गया।
सेवा और सृजन का संदेश
आयोजन के दौरान जनपद सदस्य निर्भय भंडारी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने सेवा, सामाजिक सहभागिता और अपने गांव के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि दीप केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, सेवा भावना और एकजुटता का संदेश भी देता है।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती हेमलता विश्वकर्मा, उपसरपंच चंद्रशेखर तारम, पंच होरीलाल सिन्हा, कोमल गावरे, दीपक भुआर्य, गोदावरी भंडारी, गावरे मैडम, पंचायत सचिव रावेंद्र मांडवी, धुनारू शिहारे तथा उपस्वास्थ्य केंद्र से जीवन सहित ग्रामीण एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
1001 दीपों की रोशनी से शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों का जगमगाना ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन के माध्यम से सेवा संकल्प के साथ भगवान विश्वकर्मा के सृजन एवं शिल्प परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।

