तीज की पूर्व संध्या पर हजारों बहनों ने ग्रहण किया करुभात, जनपद सदस्य मंजू संजय बैस ने बांटी श्रृंगार सामग्री
कुसुमकसा। हरितालिका तीज पर्व की पूर्व संध्या पर कुसुमकसा के शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित 11वें पारंपरिक करुभात महोत्सव में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों सुहागिनों एवं युवतियों ने एक साथ बैठकर करुभात का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती मंजू संजय बैस ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सभी सुहागिन बहनों को श्रृंगार सामग्री भेंट कर तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के पुजारी लखन गिरी गोस्वामी द्वारा भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा एवं सामूहिक महाआरती से हुआ। पूजा के बाद वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार हजारों बहनें एक साथ बैठीं और भाईचारे की भावना के साथ करुभात ग्रहण किया। करुभात आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी बहनों को प्रेमपूर्वक हलवा, दाल, चावल एवं करेले की सब्जी परोसकर सेवा की।
पुरानी यादों के साथ दिखी आत्मीयता
करुभात आयोजन में शामिल बहनों ने अपनी पुरानी सहेलियों और परिचितों से मुलाकात कर बचपन तथा पुराने दिनों की मधुर स्मृतियां साझा कीं। इससे शिव मंदिर परिसर का माहौल उल्लास, आत्मीयता और पारिवारिक मिलन की भावना से भर गया।
श्रृंगार सामग्री वितरण के दौरान महिलाओं ने मंजू संजय बैस की पहल की सराहना करते हुए इसे तीज पर्व की परंपरा और सुहागिन महिलाओं के सम्मान से जुड़ा भावपूर्ण प्रयास बताया।
11 साल पहले शुरू हुई परंपरा आज भी जारी
कुसुमकसा में करुभात आयोजन की यह परंपरा गांव के दिवंगत शिक्षक स्वर्गीय अवध पिस्दा के नेतृत्व में करीब 11 वर्ष पूर्व शुरू हुई थी। ग्रामीण आज भी उसी समर्पण और उत्साह के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि हिंदू समाज के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। सभी समुदायों की सहभागिता ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।
आयोजन को सफल बनाने में शंकर पिस्दा, गोविंद सिन्हा, नंदकिशोर पिस्दा, वाय.पी. गांगुली, श्यामलाल लेड़िया, राजू सिन्हा, डॉ. नसीम खान, सुरेश कोठारी, गांधी सिन्हा, गंगाधर लेड़िया, संतोष जैन, जगन्नाथ सिवाना, अब्दुल हसीब खान, अरविंद साहू, सोमनाथ रावटे एवं ग्राम सरपंच वेद बाई पिस्दा सहित ग्राम के वार्ड पंच पुष्पजीत बैस, पूनम सिन्हा, जीवन साहू, नितिन जैन तथा राम जानकी सेवा समिति के अध्यक्ष गौरी शंकर साहू और समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों का सहयोग रहा।
“संस्कृति और समरसता का उत्सव है तीज”—संजय बैस
पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेता संजय बैस ने कहा कि तीज पर्व मातृशक्ति की आस्था, परिवार की खुशहाली और भारतीय संस्कृति का पावन प्रतीक है। कुसुमकसा में 11 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा करुभात महोत्सव इस बात का प्रमाण है कि जब पूरा गांव एक परिवार की तरह मिलकर परंपराओं को निभाता है, तो संस्कृति के साथ सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम समाज का मिलकर इस आयोजन को सफल बनाना कुसुमकसा की विशेष पहचान है। उन्होंने आयोजन समिति, सभी सहयोगियों एवं हजारों बहनों को तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ऐसी लोक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया।

