कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के हाथों मिला प्रशस्ति पत्र, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में दे चुकी हैं करीब 350 प्रस्तुतियां
डौंडीलोहारा। वनांचल ग्राम नंगुटोला (फिरतुटोला), जिला बालोद में 2 सितंबर को कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा प्राथमिक शाला के बच्चों के बीच अपना जन्मदिवस मनाने पहुंचीं। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हर्षिता कोठारी का प्राथमिक शाला नंगुटोला की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने करकमलों से हर्षिता कोठारी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
12 वर्षों से बच्चों को दे रहीं लोककला का प्रशिक्षण
हर्षिता कोठारी छात्र जीवन से ही सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। पिछले 12 वर्षों से वे स्कूल के बच्चों को लोकगीत और लोकनृत्य की तैयारी करवाती आ रही हैं। ग्रामीण एवं स्कूली बच्चों में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के प्रति रुचि पैदा करने और उन्हें मंचीय प्रस्तुति के लिए तैयार करने में उनका विशेष योगदान रहा है।
हर्षिता छत्तीसगढ़ की लोक सांस्कृतिक संस्था ‘लोक सिरजन’ डौंडीलोहारा से जुड़कर लोकगायिका एवं प्रशिक्षण कार्य भी कर रही हैं। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्यप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 350 सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति दे चुकी हैं।
पिता को मानती हैं प्रथम गुरु
हर्षिता कोठारी छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार, गायक, संगीतकार एवं फिल्म गीतकार विष्णु कोठारी ‘मीत’ की सुपुत्री हैं। वे अपने पिता को ही अपना प्रथम गुरु मानती हैं। बचपन से ही पिता के सानिध्य में रहकर उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं लोक संस्कृति की बारीकियां सीखीं। यही प्रशिक्षण अब वे ग्रामीण एवं स्कूली बच्चों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
हर्षिता का मानना है कि लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इसी सोच के साथ वे बच्चों को लोकगीत एवं लोकनृत्य के लिए तैयार करती हैं।
कलेक्टर के हाथों सम्मान पाकर हुईं गौरवान्वित
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के हाथों प्रशस्ति पत्र प्राप्त होने पर हर्षिता कोठारी ने इसे अपने लिए गौरव और सौभाग्य का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें लोककला और बच्चों के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक प्रेरित करेगा।
उन्होंने प्राथमिक शाला नंगुटोला के समस्त शाला परिवार, ग्रामवासियों एवं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। हर्षिता का सम्मान वनांचल क्षेत्र में लोककला और सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।




