नाहंदा (डगनिया) में किसान खेत पाठशाला का शुभारंभ, 14 सप्ताह तक किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

Darshan Balod
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अण्डा। ग्राम नाहंदा (डगनिया) में सब्जी फसलों पर आधारित ‘किसान खेत पाठशाला’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (CIPMC), रायपुर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष जायसवाल, वरुणेश कुमार एवं सुचित्रा हरमुचुड़ी ने किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग की जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों से केवल पंजीकृत डीलरों से ही कीटनाशक खरीदने तथा उपयोग से पहले लेबल, बैच नंबर, पंजीकरण संख्या, निर्माता का नाम एवं समाप्ति तिथि की जांच करने की अपील की।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) को सुरक्षित और टिकाऊ खेती के लिए प्रभावी उपाय बताया। किसानों को फसल चक्र, समय पर बुवाई, फेरोमोन एवं स्टिकी ट्रैप, मित्र कीट, जैव-कीटनाशी, नीम अर्क तथा आवश्यकता के अनुसार सीमित रासायनिक नियंत्रण के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि IPM के माध्यम से कीट नियंत्रण के साथ खेती की लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और फसल की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलती है।

14 सप्ताह तक चलेगा प्रशिक्षण

किसान खेत पाठशाला का प्रशिक्षण 14 सप्ताह तक प्रत्येक सप्ताह एक दिन आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को विभिन्न फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की पहचान, उनके प्रबंधन तथा एकीकृत कीट प्रबंधन की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को खेत स्तर पर कीट एवं रोगों की पहचान कर उचित एवं सुरक्षित नियंत्रण उपाय अपनाने के लिए सक्षम बनाना है।

कार्यक्रम में ग्राम सरपंच महेन्द्र सोनकर, उपसरपंच महेश्वरी चतुर्वेदी, किसान मित्र शिव बघेल एवं कृषि सखी मंजू धनकर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। आयोजन को राज्य कृषि अधिकारी भूपेंद्र चंद्राकर एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सहयोग से संपन्न कराया गया।

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