जब सम्मान में झुके सिर, तालियों से गूंज उठा बालोद; 152 शिक्षकों को मिला गुरु गौरव सम्मान

Darshan Balod
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बारिश के बावजूद राज्य के कोने-कोने से पहुंचे शिक्षक, शैक्षिक संगोष्ठी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच ‘दर्शन बालोद’ के शिक्षक दिवस विशेषांक का हुआ विमोचन

बालोद। शिक्षकों के सम्मान में रविवार को बालोद का कला केंद्र संगीत महाविद्यालय गौरव और उत्साह से भर उठा। दर्शन बालोद, डेली बालोद न्यूज़ एवं एनटीसीएफ (नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन) छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 27 सितंबर को राज्य स्तरीय गुरु गौरव सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। लगातार बारिश के बावजूद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षक बालोद पहुंचे। समारोह में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य करने वाले 152 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को गुरु गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अखिल भारतीय तेली साहू महासभा एवं सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे दुर्ग बेनु राम साहू थे। अध्यक्षता एनटीसीएफ छत्तीसगढ़ के संस्थापक अरुण कुमार साहू ने की। विशेष अतिथियों में जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू, जनपद पंचायत सभापति दमयंती सुभाष हरदेल, इतिहासकार अरमान अश्क, प्रोफेसर के. मुरारी दास तथा प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष तामेश्वर प्रसाद कौशल सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि बेनु राम साहू ने गुरु गौरव सम्मान समारोह को शिक्षकों के सम्मान की दिशा में सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को पहचान तथा सम्मान मिलना जरूरी है। उन्होंने अपने सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए जरूरतमंदों की सेवा और सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही तथा सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अरुण कुमार साहू ने एनटीसीएफ की स्थापना, अवधारणा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने नवाचारों और प्रयासों से विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देते हैं। ऐसे कार्यों को सामने लाने की आवश्यकता है।

जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने उन्हें पढ़ाया, उन्हीं शिक्षकों के सम्मान के अवसर का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। जनपद पंचायत सभापति दमयंती सुभाष हरदेल ने भी आयोजन को शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

शैक्षिक संगोष्ठी में शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंथन

मुख्य सम्मान समारोह से पहले शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी, बालोद जिले के सम्मानित शिक्षक ईश्वरी कुमार सिन्हा, राजनांदगांव की शिक्षिका लीला माणिक, प्रोफेसर के. मुरारी दास तथा दुर्ग के प्रोफेसर कुबेर गुरुपंच सहित अन्य शिक्षाविद शामिल हुए।

संगोष्ठी में वर्तमान शिक्षण व्यवस्था, शिक्षा के बदलते स्वरूप, नवाचार और शिक्षकों की भूमिका पर विचार रखे गए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शिक्षकों के सामने मौजूद चुनौतियों और शिक्षा में नए प्रयोगों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने गुरु गौरव सम्मान जैसे आयोजनों को शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने वाला मंच बताया।

‘दर्शन बालोद’ के शिक्षक दिवस विशेषांक का विमोचन



समारोह के दौरान दर्शन बालोद मासिक पत्रिका के शिक्षक दिवस विशेषांक का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। इस विशेषांक में शिक्षा, शिक्षक और समाज से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई है। अतिथियों ने संपादक माधुरी यादव एवं प्रधान संपादक दीपक यादव को विशेषांक के लिए शुभकामनाएं दीं।

आयोजकों ने बताया कि दर्शन बालोद एवं डेली बालोद न्यूज़ की ओर से शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को मंच देने तथा उनके कार्यों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राज्यभर से उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य करने वाले शिक्षकों का चयन कर उन्हें गुरु गौरव सम्मान प्रदान किया गया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां



कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कला केंद्र बालोद की प्राचार्य रानू निषाद एवं तबस्सुम ने स्वागत गीत और राज्य गीत की प्रस्तुति दी। इसके बाद सरस्वती शिशु मंदिर जगन्नाथपुर के बच्चों ने सुस्वागतम नृत्य एवं डंडा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद शिक्षकों और अतिथियों का मन मोह लिया। राज्यभर से पहुंचे शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

कार्यक्रम का मंच संचालन एनटीसीएफ की सचिव कैशरीन बेग एवं सह सचिव लिलिपुष्पा इक्का ने किया। आयोजन में राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित प्रतिभा त्रिपाठी, शिक्षक लाल रघुवीर सिंह ठाकुर, खेमलता ठाकुर, नीलमती मार्कण्डेय सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संतोष कुमार साहू, यशस्वी कटझरे, चित्ररेखा साहू, भुनेश्वर साहू, विक्की जायसवाल, लेखराम साहू सहित दर्शन बालोद एवं एनटीसीएफ छत्तीसगढ़ की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे सम्मानित शिक्षकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी नवाचार और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। गरिमामय माहौल में आयोजित समारोह में शिक्षकों का सम्मान, शैक्षिक संगोष्ठी और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।

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