ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची भीड़, कुछ लोग मौके से फरार; बाइक जब्त कर पुलिस जांच में जुटी
जोरातराई में मुक्तिधाम के पास संदिग्ध गतिविधि से मचा हड़कंप, छह लोग हिरासत में
एक-दूसरे का मुंडन करते मिले संदिग्ध लोग, मौके से नींबू, त्रिशूल सहित सामग्री मिलने का दावा; पुलिस जांच में जुटी
बालोद। जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोरातराई में मुक्तिधाम के पास संदिग्ध गतिविधि का मामला सामने आने से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, पितृ पक्ष के प्रथम दिन 27 सितंबर की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच मुक्तिधाम के पास कुछ लोग एक-दूसरे का मुंडन करते दिखाई दिए। ग्रामीणों को संदेह हुआ कि वहां किसी प्रकार की तंत्र-मंत्र संबंधी गतिविधि चल रही है।
बताया गया कि रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने मुक्तिधाम के पास अनजान लोगों को इस तरह की गतिविधि करते देखा। उसने गांव पहुंचकर अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सूचना कोटवार तक पहुंची और ग्रामीणों का समूह मुक्तिधाम की ओर पहुंचा। ग्रामीणों को आता देख वहां मौजूद कुछ लोग मौके से भाग गए, जबकि करीब छह लोग ग्रामीणों की पकड़ में आ गए। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने की बात ग्रामीणों ने बताई।
इसके बाद घटना की सूचना रनचिरई पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया और उनकी गतिविधियों को लेकर पूछताछ शुरू की। अगले दिन कुछ मोटरसाइकिलों को भी पुलिस द्वारा जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों में कुछ बालोद जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं, जबकि कुछ लोग बाहरी प्रतीत हो रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर करीब 60 नींबू, त्रिशूल, अलग-अलग प्रकार की मिट्टी तथा अन्य सामग्री दिखाई दी। कुछ लोगों ने वहां मुर्गों की बलि दिए जाने और उन्हें दफनाने की भी चर्चा की है। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोगों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। हालांकि तंत्र-मंत्र, काला जादू या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के संबंध में अभी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौके से बरामद सामग्री और वहां मौजूद लोगों की गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दर्शन बालोद इस तरह की अपुष्ट मान्यताओं या अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता। घटना से जुड़े किसी भी निष्कर्ष को पुलिस की आधिकारिक जांच और पुष्टि के आधार पर ही माना जाना उचित होगा।

