जोरातराई में फिर मिली संदिग्ध सामग्री, मटकी-नारियल और सिक्के ने बढ़ाया रहस्य

Darshan Balod
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कुछ दिन पहले एक-दूसरे का मुंडन करते मिले थे संदिग्ध लोग, अब उसी स्थान से कुछ दूरी पर फिर मिली पूजा-पाठ जैसी सामग्री; गड़े धन के एंगल की भी गांव में चर्चा



बालोद। जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जोरातराई में कथित तंत्र-मंत्र से जुड़ा मामला सामने आने के बाद अब उसी स्थान से कुछ दूरी पर पुल के पास एक बार फिर संदिग्ध सामग्री मिलने से रहस्य और गहरा गया है। 30 सितंबर को ग्रामीणों को मुक्तिधाम के पास उसी जगह पर एक मटकी, नारियल, धागा बांधी हुई सामग्री और सिक्का मिला। नई सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इससे पहले 27 सितंबर की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच मुक्तिधाम के पास कुछ अनजान लोगों को एक-दूसरे का मुंडन करते देखा गया था। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर करीब 14 से 16 लोग मौजूद थे। गतिविधि संदिग्ध लगने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव में दी। बाद में कोटवार के साथ ग्रामीणों का समूह मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों को आता देख कुछ लोग वहां से भाग गए, जबकि करीब छह लोग पकड़ में आए।

ग्रामीणों ने पकड़े गए लोगों से पूछताछ की, लेकिन उनके द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद घटना की सूचना रनचिरई पुलिस को दी गई और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। अगले दिन उनकी कुछ बाइक भी जब्त किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

60 नींबू, त्रिशूल और अन्य सामग्री मिलने का दावा




घटना के दिन का वीडियो


ग्रामीणों के अनुसार, पहली घटना वाले स्थान पर करीब 60 नींबू के अलावा त्रिशूल, अलग-अलग प्रकार की मिट्टी और अन्य सामग्री भी दिखाई दी थी। कुछ ग्रामीणों ने वहां मुर्गों की बलि दिए जाने और उन्हें दफनाने की भी चर्चा की, लेकिन इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अब 30 सितंबर को उसी स्थान पर मटकी, नारियल, धागा और सिक्का मिलने से ग्रामीणों की जिज्ञासा और बढ़ गई है। गांव में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

क्या गड़े धन से जुड़ा है मामला?

नई सामग्री मिलने के बाद गांव में एक और सवाल चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कहीं यह गतिविधि गड़ा हुआ धन दिलाने के नाम पर तो नहीं कराई जा रही थी? कुछ ग्रामीणों ने इसकी तुलना पूर्व में जगन्नाथपुर में गड़ा धन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मामले में सामने आए घटनास्थल के दृश्य से की है, जहां भी इसी तरह की पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री मिलने की बात सामने आई थी।

हालांकि जोरातराई की घटना का गड़े धन या किसी ठगी के मामले से कोई संबंध है, इसका फिलहाल कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। यह केवल ग्रामीणों के बीच चल रही चर्चा है। इसके पीछे वास्तव में कोई धार्मिक अनुष्ठान, अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधि, ठगी या कोई अन्य कारण था, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस जांच के बाद खुलेगा रहस्य

घटना को लेकर गांव में दहशत के साथ-साथ कौतूहल का माहौल है। पितृ पक्ष के पहले दिन सामने आई पहली घटना और उसके कुछ दिन बाद उसी स्थान पर दोबारा संदिग्ध सामग्री मिलने से ग्रामीणों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं।

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस मौके से मिली सामग्री, हिरासत में लिए गए लोगों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जोरातराई में सामने आए इस मामले में तंत्र-मंत्र, काला जादू या गड़े धन से जुड़े किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

दर्शन बालोद अंधविश्वास या ऐसी मान्यताओं को बढ़ावा नहीं देता। सामने आए घटनाक्रम और ग्रामीणों के बीच उठ रहे सवालों को तथ्यात्मक रूप से, जांच की स्थिति स्पष्ट करते हुए पाठकों तक पहुंचाना ही इस खबर का उद्देश्य है।

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