ब्लैकमेल कर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

Darshan Balod
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पॉक्सो कोर्ट बालोद का फैसला; आरोपी पर विभिन्न धाराओं में जुर्माना, पीड़िता को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

बालोद। नाबालिग पीड़िता को ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में बालोद के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 25 अगस्त 2026 को श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो), बालोद की अदालत ने सुनाया।

मामले में आरोपी चित्रकांत ठाकुर (25 वर्ष), निवासी पेवरो, थाना गुरूर, जिला बालोद को भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(2) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धारा 8 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।

पीड़िता को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की अनुशंसा

माननीय न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357(क) एवं संशोधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 396 के तहत पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2018 के अनुसार पीड़िता को हुई शारीरिक एवं मानसिक क्षति के लिए 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की अनुशंसा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद को प्रेषित की है।

मोबाइल नंबर लेने के बाद आरोपी करता था बातचीत

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार, मामले में नाबालिग पीड़िता की माता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2024 में क्रिकेट मैच देखने के दौरान आरोपी ने पीड़िता से उसका मोबाइल नंबर लिया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी।

अभियोजन के मुताबिक, 5 अप्रैल 2025 को आरोपी ने पीड़िता को कुछ बात बताने के बहाने अपने घर बुलाया। वहां उसने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की और उसकी तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद आरोपी द्वारा तस्वीरों के माध्यम से उसे डराने-धमकाने और शादी करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया।

घटना के बाद डरी-सहमी रहने लगी थी पीड़िता

अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद पीड़िता काफी डरी-सहमी रहने लगी थी। बाद में उसकी मां के पूछने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाना गुरूर पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 237/2025 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक इंदिरा वैष्णव एवं निरीक्षक सुनील तिर्की द्वारा की गई।

24 दिसंबर 2025 को न्यायालय में पेश किया गया अभियोग पत्र

पुलिस द्वारा सम्पूर्ण विवेचना पूरी करने के बाद 24 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख ने अभियोजन की ओर से पैरवी की।

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