गुंडरदेही। छोटे से गांव झोफरा का शासकीय प्राथमिक शाला आज गतिविधि आधारित पढ़ाई, आकर्षक शैक्षणिक वातावरण और नवाचारों के कारण अपनी अलग पहचान बना रहा है। संकुल डोंगीतराई, विकासखंड गुंडरदेही, जिला बालोद स्थित इस विद्यालय में मात्र दो शिक्षक हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे प्रयासों ने इसे क्षेत्र के अन्य स्कूलों से अलग पहचान दिलाई है। विद्यालय के शिक्षक भोलेश कुमार महतो की सक्रियता और नवाचार इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक कार्यों को देखते हुए दर्शन बालोद की पहल गुरु गौरव सम्मान 2026 के लिए उनका चयन किया गया है।
गुरु गौरव सम्मान 2026 का सम्मान समारोह 27 सितंबर 2026, रविवार को कला केंद्र, बालोद में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा।
गतिविधि आधारित पढ़ाई से बदली सरकारी स्कूल की तस्वीर
झोफरा स्कूल में बिना किसी विशेष सरकारी अनुदान या अतिरिक्त सहयोग के गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल का वातावरण ऐसा तैयार किया गया है कि गांव के बच्चों और अभिभावकों में सरकारी स्कूल के प्रति विश्वास बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि गांव के सभी बच्चे इसी शासकीय विद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं।
विद्यालय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाता है। बच्चों की पोशाक, अनुशासन, आत्मविश्वास और गतिविधियों में सहभागिता को देखकर कई बार शिक्षक साथी ही नहीं, बल्कि अधिकारी भी प्रभावित हुए हैं।
टीएलएम में बच्चों ने हासिल किया प्रथम स्थान
शिक्षक भोलेश कुमार महतो द्वारा तैयार किए गए टीएलएम (Teaching Learning Material) को शैक्षणिक गतिविधियों में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाता है। इन शिक्षण सामग्रियों के माध्यम से कठिन विषयों को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाने का प्रयास किया जाता है। विद्यालय के बच्चों ने टीएलएम एवं शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े ब्लॉक और जिला स्तरीय प्रदर्शनों में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
बागवानी, किचन गार्डन और त्योहारों से जुड़ी सीख
स्कूल में शिक्षा को बच्चों के दैनिक जीवन और स्थानीय परिवेश से जोड़ने के लिए बागवानी एवं किचन गार्डन जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं। तीज-त्योहारों को बच्चों के लिए सीखने और अपनी संस्कृति से जुड़ने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। बच्चों के जन्मदिन को भी विद्यालय में उत्साह के साथ मनाकर उनके लिए यादगार बनाया जाता है।
इन गतिविधियों से विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार हुआ है, जहां पढ़ाई के साथ बच्चों की रचनात्मकता, सहभागिता और व्यवहारिक ज्ञान पर भी ध्यान दिया जाता है।
छुट्टी के बाद भी जारी रहती है नवोदय की तैयारी
भोलेश कुमार महतो का प्रयास केवल नियमित कक्षाओं तक सीमित नहीं है। वे बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए प्रतिदिन स्कूल की छुट्टी के बाद भी कक्षाएं लेते हैं। अवकाश के दिनों में भी बच्चों की तैयारी जारी रहती है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसरों के लिए तैयार करना उनके प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छोटे से गांव में दो शिक्षकों के भरोसे संचालित यह विद्यालय संसाधनों से अधिक शिक्षक की पहल, बच्चों की प्रतिभा और समुदाय के विश्वास से अपनी पहचान बना रहा है। गतिविधि आधारित शिक्षण, टीएलएम, बागवानी, सांस्कृतिक गतिविधियों और नवोदय की तैयारी जैसे प्रयासों ने झोफरा के इस सरकारी स्कूल को अलग पहचान दिलाई है।
इन्हीं शैक्षणिक नवाचारों और समर्पित प्रयासों को देखते हुए दर्शन बालोद की पहल ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के लिए शिक्षक भोलेश कुमार महतो का चयन किया गया है। 27 सितंबर, रविवार को कला केंद्र बालोद में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

