वनांचल क्षेत्र में शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुए सम्मानित
बालोद। प्रेरणा साहित्य समिति बालोद के तत्वावधान में स्वर्गीय बिसंभर यादव ‘मरहा’ स्मृति सम्मान समारोह, पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन 2026 का आयोजन गंगा मैया प्रांगण में किया गया। समारोह में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोड़ा के व्याख्याता डॉ. बी.एल. साहसी को शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘अक्षर प्रेरणा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।
ज्ञात हो कि प्रेरणा साहित्य समिति बालोद द्वारा प्रतिवर्ष प्रत्येक विकासखंड से शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एक शिक्षक का चयन कर ‘अक्षर प्रेरणा सम्मान’ प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में चयन समिति द्वारा डॉ. बी.एल. साहसी का चयन किया गया। समारोह में उन्हें शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
‘बस्तर के क्रांतिकारी व वीरांगनाओं के इतिहास’ पुस्तक का विमोचन
समारोह के दौरान डॉ. बी.एल. साहसी द्वारा रचित पुस्तक ‘बस्तर के क्रांतिकारी व वीरांगनाओं के इतिहास’ का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि अरुण कुमार निगम, संस्थापक छंद के छ गुरुकुल, तथा जगदीश देशमुख, अध्यक्ष तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़, के साथ डॉ. जीवन राही यदु, वरिष्ठ साहित्यकार खैरागढ़, सीताराम साहू ‘श्याम’, वरिष्ठ साहित्यकार एवं लोक गायक पैरी, डुमन लाल ध्रुव, वरिष्ठ साहित्यकार धमतरी, वीरेंद्र सरल, प्रसिद्ध व्यंग्यकार बोडरा मगरलोड तथा डॉ. बलदाऊ राम साहू, प्रसिद्ध बाल साहित्यकार के करकमलों से पुस्तक का विमोचन किया गया।
किल्लेकोड़ा को नई पहचान दिलाने में सक्रिय भूमिका
प्रेरणा साहित्य समिति बालोद द्वारा पिछले 14 वर्षों से इस आयोजन को निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में इसकी सफलता का परिचायक है। वहीं वनांचल क्षेत्र किल्लेकोड़ा में शिक्षा के साथ नवाचार की अलख जगाने वाले डॉ. साहसी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोड़ा को नई पहचान दिलाने के साथ साहित्य, संस्कृति एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
डॉ. साहसी विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर विशेष जोर देते हैं। जल संरक्षण, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, नशामुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न जागरूकता गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। उनकी प्रभावी मंच संचालन क्षमता के चलते विभिन्न कार्यक्रमों में उन्हें संचालन एवं मार्गदर्शन की जिम्मेदारी भी मिलती रही है।
शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2023 में शिक्षा रत्न तथा 2024 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अब तक उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए लगभग 15 पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जो उनकी निरंतर सक्रियता और उपलब्धियों को दर्शाता है।
डॉ. बी.एल. साहसी को ‘अक्षर प्रेरणा सम्मान 2026’ मिलने पर शाला परिवार, साहसी परिवार एवं मित्रगण ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।


