सम्मानों की श्रृंखला में एक और स्वर्णिम अध्याय, शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक को मिला ‘एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड 2026’

Darshan Balod
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गुंडरदेही। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद, विकासखंड गुंडरदेही, जिला बालोद के शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तरीय ‘एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें जिला शिक्षा विभाग बालोद द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत ‘ज्ञानदीप पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ की पंजीकृत संस्था एमडी एजुकेशन सोसाइटी, सरायपाली एवं ‘शिक्षा सारांश’ शैक्षिक मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में तथा कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के सहयोग से 26 सितंबर को एक दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी सह शिक्षाविद शिल्पी सम्मान 2026 का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम में नरेंद्र कुमार रजक को एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड प्रदान किया गया।

उन्हें यह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन के राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सुधीर गौतम, कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव संदीप गांधी, भूमि बिल्डकॉन एंड डेवलपर्स रायपुर के प्रतिनिधि प्रमोद डेहरी तथा डॉ. अनिल कुमार प्रधान के हाथों प्रदान किया गया।

ग्रामीण अंचल से राज्य स्तरीय मंच तक पहुंची उपलब्धि

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय में कार्य करते हुए नरेंद्र कुमार रजक ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय संस्कार, अनुशासन, नवाचार, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया है। विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए उपचारात्मक शिक्षण, नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए पालकों से संवाद, स्वच्छता, शिक्षण सामग्री निर्माण, खेलकूद और स्काउट-गाइड सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को उन्होंने विद्यालयीन गतिविधियों का हिस्सा बनाया।

उनके प्रयासों का उद्देश्य विद्यालय को बच्चों के सीखने, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास का प्रभावी केंद्र बनाना रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सीमित संसाधनों के बीच किए गए इन प्रयासों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

ज्ञानदीप पुरस्कार के बाद एक और उपलब्धि

नरेंद्र कुमार रजक को 18 सितंबर 2026 को जिला शिक्षा विभाग बालोद द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग एवं अन्य अतिथियों द्वारा ‘ज्ञानदीप पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। इसके बाद राज्य स्तरीय एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड मिलना उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ना है।

सम्मान के बाद नरेंद्र कुमार रजक ने कहा कि प्रत्येक सम्मान उनके लिए मंजिल नहीं, बल्कि और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा एवं जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास आगे भी ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास प्रदान करने की दिशा में जारी रहेगा।

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