बालोद। खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा कीटनाशी विक्रय केन्द्रों की जांच तेज कर दी गई है। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कृषि केन्द्र संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में विकासखंड बालोद के ग्राम नेवारीकला स्थित विनय कृषि केन्द्र एवं नीलम ट्रेडर्स का कीटनाशी निरीक्षक द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भंडारण, वितरण एवं दस्तावेज संधारण में अनियमितता पाए जाने पर दोनों केन्द्रों का कीटनाशी विक्रय प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कृषि केन्द्र संचालकों द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार विकासखंड गुरूर के ग्राम भानपुरी स्थित साहू कृषि केन्द्र का भी कीटनाशी निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया। यहां अनियमितता पाए जाने पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
कृषि केन्द्र संचालकों द्वारा कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने के कारण उप संचालक कृषि, जिला बालोद द्वारा तीनों फर्मों के कीटनाशी विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
79 केन्द्रों का निरीक्षण, 10 पर विक्रय प्रतिबंध
कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 79 कृषि केन्द्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 10 कृषि केन्द्रों का विक्रय प्रतिबंधित, 45 केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 3 कृषि केन्द्रों के कीटनाशी विक्रय लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
उप संचालक कृषि, जिला बालोद ने जिले के सभी कृषि केन्द्र संचालकों से नियम एवं अधिनियमों का पालन करते हुए व्यवसाय करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित कृषि केन्द्र संचालक की होगी।
