नव युवा साथियों ने 2022 में शुरू की थी पहल, माताओं-बहनों और बच्चों को एक साथ जोड़ने का बना माध्यम
बालोद। गुंडरदेही ब्लॉक के गौरव ग्राम खुटेरी (सिकोसा) में सामाजिक मेलजोल, आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में शुरू की गई करूभात खिलाने की पहल अब गांव की परंपरा का रूप लेती जा रही है। नव युवा साथी एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से इस वर्ष आयोजन का पांचवां वर्ष रहा। 13 सितंबर को रामायण मंच प्रांगण में आयोजित करूभात कार्यक्रम में गांव की माताओं, बहनों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
आयोजन से जुड़े पुसऊ राम यादव ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास एक-दूसरे से मिलने, साथ बैठने और बातचीत करने का समय कम होता जा रहा है। इसी सोच के साथ गांव की माताओं, बहनों और नन्हे-मुन्ने बच्चों को एक स्थान पर एकत्र कर सामूहिक रूप से करूभात खिलाने की पहल शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य भोजन के बहाने ग्रामीणों को आपस में मिलने-जुलने तथा अपने सुख-दुख साझा करने का अवसर देना है।
आयोजन में दिखी सामाजिक एकता
रामायण मंच प्रांगण में आयोजित करूभात कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आयोजन को सफल बनाने में नव युवा साथी, नव युवा सरस्वती पूजा समिति, जय अंबे धुमाल खुटेरी, रिद्धि-सिद्धि बाल गणेश उत्सव समिति सहित समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ग्रामीणों की सहभागिता के कारण यह आयोजन सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता रहा।
नई पीढ़ी को सामाजिक जुड़ाव से जोड़ने की पहल
नव युवा साथियों की यह पहल अब केवल सामूहिक रूप से करूभात खिलाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि गांव के लोगों को एक मंच पर लाने और नई पीढ़ी को सामाजिक जुड़ाव की भावना से जोड़ने का माध्यम बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से आपसी परिचय और आत्मीयता बढ़ती है तथा लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में जसवंत सिन्हा मंडलेश्वर, सिन्हा समाज अर्जुंदा एवं समाजसेवक गुंडरदेही विधानसभा, श्रीमती मीना उमाशंकर जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती किरण तारम जनपद सदस्य गुंडरदेही, गुमेंद्र कुमार टेमरे सरपंच ग्राम पंचायत खुटेरी, बलराम सोनकर उपसरपंच ग्राम पंचायत खुटेरी तथा गौरव ग्राम खुटेरी के शिक्षकगण शामिल हुए।
आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से पुसऊ राम यादव, कुलेश तारम, भावेश गोरे, मनीष कुमार, ईश कुमार, हेमकुमार तारम, वीरेंद्र तारम, बाल कुमार तारम और सोनू साहू सहित नव युवा साथियों एवं ग्रामवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





