रायपुर। अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर उपभोक्ता आयोग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मॉल प्रबंधन को दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लेने और निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अतिरिक्त पीठ रायपुर में सुनवाई के बाद 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था।
प्रकरण क्रमांक DC/387/CC/2025/198 में अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला स्वयं परिवादी के रूप में पैरवी कर रहे थे। मामले के अनुसार 15 जून 2025 को वे अपनी कार से अंबुजा मॉल पहुंचे थे, जहां उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क लिया गया। उन्होंने आयोग के समक्ष पार्किंग शुल्क वसूली को अनुचित बताते हुए शिकायत प्रस्तुत की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से भवन निर्माण नियमों में पार्किंग के प्रावधान तथा विभिन्न न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए तर्क प्रस्तुत किए गए। आयोग ने अपने आदेश में अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में आने वाले उपभोक्ताओं से पार्किंग शुल्क नहीं लेने और निशुल्क पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आयोग ने परिवादी को मानसिक क्षति के लिए 50 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया। आदेश में निर्धारित राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर करने तथा विलंब होने पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
पार्किंग शुल्क को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मामले की शुरुआत 15 जून 2025 की घटना से हुई थी। उपलब्ध आदेश के अनुसार, मॉल प्रबंधन की ओर से यह पक्ष रखा गया था कि पार्किंग शुल्क की व्यवस्था एक निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही थी और निर्धारित समय के भीतर वाहन बाहर निकलने पर शुल्क वापसी की व्यवस्था भी थी। आयोग के समक्ष दोनों पक्षों के तर्कों और दस्तावेजों पर विचार किया गया।
इस आदेश के बाद अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ता अधिकारों की चर्चा तेज हुई है। हालांकि, उपलब्ध आदेश के आधार पर इसे छत्तीसगढ़ के सभी मॉल में स्वतः लागू होने वाला राज्यव्यापी बाध्यकारी आदेश कहना उचित नहीं होगा। संबंधित आदेश का प्रत्यक्ष प्रभाव अंबुजा सिटी सेंटर मॉल से जुड़े प्रकरण पर है।

