दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के 10.09 लाख से अधिक कनेक्शनों का होगा सत्यापन, प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क
बालोद, 03 सितंबर 2026। बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन एवं रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की है। विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 10 लाख 09 हजार 521 निम्नदाब उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी कराया जाएगा। इसकी शुरुआत 1 सितंबर 2026 से हो चुकी है।
ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है। इससे विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने में भी सहायता मिलेगी।
तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के तीन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। तीसरे विकल्प के तहत मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करेगा।
ई-केवाईसी के दौरान आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से पहचान का सत्यापन किया जा सकेगा।
कनेक्शन और आधार में नाम अलग है तो पहले कराएं सुधार
यदि किसी उपभोक्ता का नाम विद्युत कनेक्शन एवं आधार कार्ड में अलग है, तो पहले विद्युत कनेक्शन में नाम सुधार कराना होगा। केवल नाम में त्रुटि होने पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं, मालिकाना हक में परिवर्तन होने पर नियमानुसार शुल्क एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
ई-केवाईसी के नाम पर किसी को पैसे न दें
विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है। इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें।
उपभोक्ता केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी कराएं और किसी भी संदिग्ध लिंक अथवा अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग न करें।
मृत उपभोक्ताओं और अवैध कनेक्शनों की भी होगी पहचान
ई-केवाईसी केवल पहचान सत्यापन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विद्युत कंपनी के उपभोक्ता डेटाबेस को अधिक सटीक, प्रमाणिक एवं अद्यतन बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित होने के साथ-साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों, अनधिकृत उपयोग एवं अवैध विद्युत कनेक्शनों की पहचान करने में भी सहायता मिलेगी।
विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 1 सितंबर 2026 से शुरू हुई ई-केवाईसी प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें और अपने विद्युत कनेक्शन का ई-केवाईसी अवश्य कराएं।

