15 सितंबर तक करा सकेंगे पंजीयन, धान की जगह दूसरी फसल लेने पर मिलेगा ₹15 हजार प्रति एकड़ अनुदान
बालोद, 03 सितंबर 2026। जिले के किसानों के लिए कृषि विभाग ने राहत और प्रोत्साहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। खरीफ 2026 बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी गई है। वहीं, कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ तक की आदान सहायता दी जाएगी।
15 सितंबर तक करा सकेंगे बीज उत्पादन पंजीयन
जिले के वे किसान, जिन्होंने बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला अथवा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खरीफ फसलों का बीज खरीदा है, वे बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत अपना पंजीयन करा सकते हैं।
किसानों की सुविधा को देखते हुए पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को उनके द्वारा उत्पादित बीज का उपार्जन मूल्य सहकारी समिति के माध्यम से समर्थन मूल्य से अधिक प्राप्त होगा।
पंजीयन के लिए किसानों को बीज क्रय की रसीद, आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका (बी-1) और एग्रीस्टैक कृषक आईडी की छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। किसान निर्धारित पंजीयन शुल्क के साथ बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला या अपनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में पंजीयन करा सकते हैं।
धान की जगह दूसरी फसल लेने पर ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता
कृषकों को धान के स्थान पर अधिक लाभकारी एवं विविध फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना संचालित की जा रही है।
खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास की फसल लेने वाले किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी।
वहीं, जो किसान पहले से ही दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें ₹10,000 प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सहायता राशि
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक पर पंजीयन होना अनिवार्य है।
समय सीमा का रखें विशेष ध्यान
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित समय-सीमा का ध्यान रखते हुए योजनाओं का लाभ लें। 15 सितंबर 2026 तक बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराकर किसान अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
समय पर पंजीयन कराएं, फसल में विविधता लाएं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं—यही किसानों की समृद्धि की ओर एक मजबूत कदम है।

