रक्तदान, अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता और सड़क सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को जनभागीदारी से बढ़ाने पर जोर
बिलासपुर, 30 सितंबर। न्यायधानी बिलासपुर में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की जिला शाखा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के चेयरमैन तोमन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला शाखा की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना और सेवा संकल्प कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
बैठक में रक्तदान, नेत्रदान एवं अंगदान, स्वास्थ्य जागरूकता, सड़क सुरक्षा तथा जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचाने वाली गतिविधियों को प्रशासन, स्वास्थ्य संस्थानों, पुलिस, नगर निकाय, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के सहयोग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
114 स्कूलों के 41,483 विद्यार्थियों तक पहुंच रही ‘परियोजना आरुग’
बैठक में बिलासपुर जिले में संचालित ‘परियोजना आरुग’ को विशेष रूप से चर्चा में लिया गया। विनिता पटेल द्वारा शुरू की गई यह पहल पिछले छह वर्षों से किशोरियों, महिलाओं और किशोरों के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अब तक विभिन्न विद्यालयों, ग्रामीण एवं सामुदायिक क्षेत्रों में 15 हजार से अधिक किशोरियों एवं महिलाओं तथा 5 हजार से अधिक किशोरों एवं पुरुषों तक जागरूकता पहुंचाई जा चुकी है।
वर्तमान में परियोजना 114 विद्यालयों के 41,483 विद्यार्थियों तक पहुंच रही है। जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित इस पहल को SECL, बिलासपुर द्वारा CSR के माध्यम से वित्तपोषित किया जा रहा है। इसका क्रियान्वयन इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा बस्ता एजुकेशन एंड हेल्प फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है।
परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें बालिकाओं के साथ बालकों को भी मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘हर घर में एक Padman’ संदेश के माध्यम से मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और सामाजिक झिझक को कम करने तथा परिवार एवं समाज में समझ और सहयोग का वातावरण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य चेयरमैन तोमन साहू ने परियोजना को जनस्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल बालिकाओं एवं महिलाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, गरिमा, शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अनुभव और कार्यप्रणाली का अध्ययन कर आवश्यकता एवं उपयुक्तता के आधार पर इसे प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
रक्तदान और अंगदान जागरूकता को मिलेगी गति
बैठक में नियमित रक्तदान को जनसेवा गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने, अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं को जोड़ने और रक्तदान शिविरों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने पर चर्चा हुई। नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अंगदान प्रतिज्ञा तथा जिला स्तर पर संबंधित गतिविधियों के समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
युवाओं को मानवीय सेवा से जोड़ने के लिए जूनियर रेडक्रॉस (JRC) और यूथ रेडक्रॉस (YRC) की गतिविधियों को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बढ़ावा देने तथा रेडक्रॉस सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।
सड़क सुरक्षा और संस्थागत व्यवस्थाओं पर भी चर्चा
बैठक में टीबी, एड्स, नशामुक्ति एवं स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अभियान चलाने पर चर्चा हुई। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए Safety Mitra जैसी पहल को आगे बढ़ाने और सहयोगी नागरिकों को Thank You Certificate एवं प्रोत्साहन देने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।
इसके अलावा जिला रेडक्रॉस कार्यालय एवं स्टाफ की व्यवस्था, नियमित संचालन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और संस्था के लिए शासकीय भूमि आवंटन सहित विभिन्न संस्थागत विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सुर्वे, जिला शाखा चेयरमैन डॉ. बी.एल. गोयल, रक्तदान उपसमिति के वाइस चेयरमैन बालाराम साहू, वाइस चेयरमैन प्रमोद शुक्ला, CMHO सह सचिव डॉ. शुभा गरेवाल, प्रबंध समिति सदस्य सुरेंद्र गंभीर, राज्य प्रबंध समिति सदस्य एवं DPM डॉ. गिरीश कुर्रे, प्रबंध समिति सदस्य डॉ. एम.ए. जीवानी तथा जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना सहित अन्य पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य चेयरमैन तोमन साहू ने कहा कि मानवीय सेवा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक संवेदना और सहभागिता का विषय है। उन्होंने जिला शाखा को संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों के साथ समन्वय बनाकर सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।



