गुरु गौरव सम्मान से सम्मानित हुईं नवाचारी शिक्षिका चित्रा साहू

Darshan Balod
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17 वर्षों की शिक्षकीय सेवा में नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों को दे रहीं नई दिशा

बालोद। शिक्षण में नवाचार, रचनात्मक गतिविधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने वाली शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलिहा, विकासखंड सिमगा, जिला बलौदाबाजार की शिक्षिका श्रीमती चित्रा साहू को राज्य स्तरीय गुरु गौरव सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी 17 वर्षों की समर्पित शिक्षकीय सेवा और शिक्षा को गतिविधि आधारित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

दर्शन बालोद, डेली बालोद न्यूज एवं एनटीसीएफ (नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन) छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 27 सितंबर को बालोद के कला केंद्र संगीत महाविद्यालय में आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 152 उत्कृष्ट एवं नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया। लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक समारोह में पहुंचे।

समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी, अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे दुर्ग में सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर श्री बेनुराम साहू थे। अध्यक्षता एनटीसीएफ छत्तीसगढ़ के संस्थापक श्री अरुण कुमार साहू ने की। विशेष अतिथियों के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूजा वैभव साहू, जनपद पंचायत सभापति श्रीमती दमयंती सुभाष हरदेल, इतिहासकार श्री अरमान अश्क, प्रोफेसर के. मुरारी दास तथा प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष श्री तामेश्वर प्रसाद कौशल सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

आर्ट एंड क्राफ्ट से विकसित कर रहीं रचनात्मकता

श्रीमती चित्रा साहू पिछले लगभग 12 वर्षों से विद्यार्थियों को आर्ट एंड क्राफ्ट की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ रही हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थी स्थानीय संसाधनों और अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं तैयार करते हैं। इससे विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास, कौशल और स्वावलंबन की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

विद्यालय में बैगलेस डे, हस्तकला, विज्ञान आधारित गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और बाल-केंद्रित नवाचारों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ा गया है। उनका प्रयास रहता है कि विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि प्रयोग, गतिविधि, कला और अनुभव के माध्यम से सीखें।

विज्ञान से पर्यावरण तक गतिविधियों पर जोर

श्रीमती साहू विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित की गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने बाल शोध विज्ञान मेला, प्रयोग आधारित विज्ञान मेला तथा विभिन्न विज्ञान एवं गणित प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी प्रदर्शन किया।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में भी वे विद्यार्थियों के साथ लगातार गतिविधियां संचालित करती रही हैं। वृक्षारोपण, सीड बॉल निर्माण, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण जैसे विषयों को विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया से जोड़ना उनके शैक्षिक नवाचारों का हिस्सा रहा है।

अपने कार्यों के लिए श्रीमती चित्रा साहू को पूर्व में महिला शिक्षक सम्मान और नवाचारी शिक्षक सम्मान सहित विभिन्न शैक्षिक एवं सामाजिक मंचों पर सम्मान मिल चुका है।

सम्मान प्राप्त करने पर श्रीमती चित्रा साहू ने आयोजन समिति, एनटीसीएफ छत्तीसगढ़, दर्शन बालोद एवं डेली बालोद न्यूज टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, सहकर्मियों और शिक्षा को रचनात्मक एवं जीवनोपयोगी बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने इसे भविष्य में विद्यार्थियों के हित में और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा बताया।

समारोह में शैक्षिक संगोष्ठी का भी आयोजन हुआ, जिसमें शिक्षाविदों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, नवाचार और शिक्षक की भूमिका पर विचार रखे। इस अवसर पर दर्शन बालोद के शिक्षक दिवस विशेषांक का विमोचन भी किया गया। प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों ने आयोजन को नवाचारी एवं उत्कृष्ट शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने वाला मंच बताया।

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