2022 के लिखित समझौते के पालन की मांग; BEML में काम के संचालन और ठेका श्रमिकों की अन्य मांगों को लेकर भी जताया विरोध
दल्लीराजहरा। हितकसा डेम में ठेका श्रमिकों को पूरे साल काम दिए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने 18 सितंबर 2026 को माइंस ऑफिस के गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि वर्ष 2022 में 12 दिनों तक चले आंदोलन के बाद BSP प्रबंधन ने लिखित समझौता कर हितकसा डेम में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को पूरे साल काम देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया गया है।
जन मुक्ति मोर्चा के अनुसार, पहले हितकसा डेम में ठेका श्रमिकों को वर्ष में करीब छह महीने ही काम मिलता था और बारिश के दौरान काम बंद होने से उन्हें शेष छह महीने बेरोजगारी का सामना करना पड़ता था। संगठन का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर वर्ष 2022 में आंदोलन किया गया था। आंदोलन के बाद 23 दिसंबर 2022 को BSP प्रबंधन ने दल्ली माइंस के गेट नंबर-1 के सामने आंदोलनकारियों को लिखित समझौता पत्र सौंपकर सालभर काम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
संगठन का आरोप है कि समझौते के बावजूद हितकसा डेम में कार्यरत ठेका श्रमिकों को पूरे वर्ष काम नहीं मिल रहा है। इसे लेकर श्रमिकों में BSP प्रबंधन के प्रति नाराजगी है।
BEML में काम के संचालन को लेकर भी विरोध
जन मुक्ति मोर्चा ने BEML में काम करने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। संगठन के मुताबिक BSP प्रबंधन द्वारा भारी परिवहन मशीनों के सुधार कार्य के लिए BEML को ठेका दिया गया है। संगठन का आरोप है कि यहां काम को बार-बार बंद किया जाता है और सुविधा के अनुसार रात्रि पाली में काम शुरू किया जाता है, जबकि प्रथम एवं द्वितीय पाली को बंद रखा जाता है। इस व्यवस्था को लेकर भी श्रमिकों में असंतोष है।
बाइक रैली निकालकर पहुंचे माइंस ऑफिस
विरोध प्रदर्शन के लिए जन मुक्ति मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता 18 सितंबर को सुबह करीब 11:30 बजे कृषि कार्यालय से बाइक रैली के माध्यम से माइंस ऑफिस चौक पहुंचे। यहां बाइक रैली सभा में परिवर्तित हो गई। कार्यकर्ताओं ने माइंस ऑफिस के गेट के सामने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और BSP प्रबंधन के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से हितकसा में काम करने वाले श्रमिकों को सालभर स्थायी काम देने, सभी ठेका श्रमिकों को 150 रुपये नाइट अलाउंस देने, जगन्नाथ प्लेट प्लांट में केंद्रीय वेतनमान लागू करने, जगन्नाथ में कार्यरत मजदूरों का न्यूनतम वेतन 2600 रुपये करने तथा ठेका श्रमिकों के बच्चों को DAV स्कूल में विशेष छूट देने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं।
प्रदर्शन में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के बसंत रावटे, सरकार दादा, चंद्रशेखर यादव, नवल चंद्राकर, नरेश नायक और ग्रिजेश नायक सहित संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

