मिस्टर फ्रेशर बने नवीन साहू, उर्वशी सिन्हा ने जीता मिस फ्रेशर का खिताब; खेल, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गुरूर, जिला बालोद। माँ बहादुर कलारिन कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, गुरूर में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत और उनके महाविद्यालयीन जीवन की नई शुरुआत को यादगार बनाने के उद्देश्य से प्रवेशोत्सव ‘अभ्युदय’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्साह, उमंग, सांस्कृतिक विविधता और सौहार्द का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य दिलीप कुमार साहू के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने ‘अभ्युदय’ का अर्थ बताते हुए कहा कि इसका आशय उन्नति, विकास और सफलता की ओर निरंतर आगे बढ़ने से है। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का एमबीके परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही वरिष्ठ विद्यार्थियों से नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करते हुए सकारात्मक वातावरण बनाने का आह्वान किया।
प्रतिभाओं ने बिखेरा रंग, शिक्षकों ने भी लिया हिस्सा
प्रवेशोत्सव के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपना परिचय देते हुए अपनी रुचियों, प्रतिभाओं और भविष्य के लक्ष्यों को साझा किया। इसके बाद विभिन्न मनोरंजक खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत-संगीत और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय के शिक्षकगण ने भी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
नवीन बने ‘मिस्टर फ्रेशर’, उर्वशी ने जीता ‘मिस फ्रेशर’ का खिताब
प्रवेशोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘मिस्टर एवं मिस फ्रेशर’ प्रतियोगिता रही। इसमें नवीन साहू ने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रतिभा के दम पर ‘मिस्टर फ्रेशर’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं उर्वशी सिन्हा ने अपनी मधुर प्रस्तुति और आकर्षक व्यक्तित्व से ‘मिस फ्रेशर’ का खिताब हासिल किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के निदेशक ताराचंद देवांगन, प्राचार्य दिलीप कुमार साहू सहित समस्त शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से प्रवेशोत्सव ‘अभ्युदय’ हर्षोल्लास, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
आयोजन नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयीन जीवन की यादगार शुरुआत बना। साथ ही इसने विद्यार्थियों के बीच आपसी समन्वय, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक सहभागिता को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान किया।

