इलेक्ट्रिक स्कूटी की डीलरशिप और 100% कैशबैक का झांसा देकर 31.80 लाख की धोखाधड़ी, कंपनी का फरार CEO गिरफ्तार

Darshan Balod
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सनौद पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से पकड़ा आरोपी, रायपुर स्थित कंपनी के कार्यालय में इस्तेमाल सामग्री और तीन इलेक्ट्रिक स्कूटी भी बरामद

बालोद। इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने तथा 100 प्रतिशत कैशबैक का झांसा देकर 31 लाख 80 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सनौद पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी नंदकिशोर साहू रायपुर की सीबीके ईवी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सीईओ बताया गया है। पुलिस ने उसे उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा से पकड़कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा गुरूर एसडीओपी माया शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सनौद निरीक्षक सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में की गई।

डीलरशिप और कैशबैक का दिया था झांसा

मामले के अनुसार, ग्राम भानपुरी, थाना गुरूर निवासी मनीष कुमार साहू (27 वर्ष) ने 5 मई 2026 को थाना सनौद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, सीबीके ईवी मोटर्स और सीबीके सर्विस सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर के पदाधिकारियों ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप लेने पर 100 प्रतिशत कैशबैक देने का प्रलोभन दिया था।

शिकायतकर्ता ने डीलरशिप के लिए 10 लाख रुपये जमा किए, जिसके बाद कंपनी की ओर से प्रमाणपत्र दिया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा गया। शिकायत के अनुसार, मनीष साहू ने 30 मई 2024 से अलग-अलग किश्तों में कंपनी द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये जमा किए।

वाहन वापस ले जाने के बाद नहीं लौटाए

शिकायतकर्ता ने डीलरशिप के लिए ग्राम सनौद में किराये पर दुकान भी ली थी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, कंपनी ने शुरुआत में 11 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए थे। वाहनों की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की बात कहने पर कंपनी ने उन्हें वापस ले लिया और नए वाहन देने का आश्वासन दिया, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में वाहन वापस नहीं दिए गए।

रकम लौटाने की मांग करने पर 6 सितंबर 2024 को धमतरी में भूपेन्द्र दादर की दुकान पर 1 लाख 45 हजार रुपये लौटाए गए। शेष राशि के भुगतान के लिए कंपनी की ओर से तीन चेक दिए गए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वे स्टॉप पेमेंट के कारण अनादरित हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 420, 34 भारतीय दंड संहिता में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

दो आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, मामले में कंपनी के एमडी लोकेश द्विवेदी, निवासी कटघोरा, जिला कोरबा, तथा सीएमडी पुरुषोत्तम साहू, निवासी सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, को 19 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। मामले का तीसरा आरोपी और कंपनी का सीईओ नंदकिशोर साहू फरार चल रहा था। उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसे ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से पकड़कर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है।

कार्यालय की सामग्री और तीन स्कूटी बरामद

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर रायपुर स्थित कंपनी के कार्यालय के संचालन में इस्तेमाल किए गए सीसीटीवी कैमरे, एसी, टेबल, कुर्सियां, आलमारी, टीवी और तीन इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई हैं। आरोपी नंदकिशोर साहू (35 वर्ष), पिता लखनलाल साहू, निवासी ग्राम रोहांसी, तहसील एवं थाना पलारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, को 10 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय बालोद में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में थाना सनौद प्रभारी निरीक्षक सोनसिंह सोरी, सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार साहू, आरक्षक दमन वर्मा, गौकरण यादव, टिकेन्द्र कुमार सोरी, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरकाम तथा आरक्षक गुलजारी साहू और मिथलेश यादव का योगदान रहा।

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