बालोद। बालोद जिले में युवती पर एसिड अटैक की घटना की जिला सतनामी समाज ने कड़ी निंदा की है। समाज ने माननीय न्यायालय से आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे अमानवीय कृत्य करने वालों को कड़ा दंड मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई दूसरी बेटी ऐसी घटना का शिकार न हो।
जिला सतनामी समाज बालोद ने कहा कि जिले को झकझोर देने वाली यह घटना बेहद शर्मनाक, पीड़ादायक और अमानवीय है। कथित एकतरफा प्यार के चलते कुंठित मानसिकता से ग्रसित आरोपी द्वारा युवती पर एसिड डालकर उसे जान से मारने की कोशिश करना निंदनीय है। इस तरह के अपराध महिलाओं की सुरक्षा और समाज की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
समाज ने मांग की है कि युवती पर एसिड अटैक करने के आरोपी के विरुद्ध इरादतन हत्या सहित लागू होने वाली कठोरतम कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए और दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा दी जाए। समाज ने यह भी कहा कि यदि उम्रकैद की सजा नहीं दी जाती है, तो कम से कम 20 वर्ष के कठोर कारावास का दंड दिया जाए, ताकि ऐसे अपराध करने वालों में कानून का भय बना रहे।
जिला सतनामी समाज ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध इस तरह के जघन्य अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समाज ने पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
इन पदाधिकारियों ने की निंदा और कठोर सजा की मांग
घटना की निंदा करते हुए कठोर सजा की मांग करने वालों में विजय बघेल, प्रदेश संयोजक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष सतनामी समाज बालोद; संजय बारले, जिलाध्यक्ष सतनामी समाज बालोद; पवन जोशी एवं असवन बारले, संरक्षक; एस.आर. बंजारे, सचिव; गोवर्धन बारले, धनेश बघेल, लक्ष्मी बघेल, मोहन चतुर्वेदी, संजय जोशी, पी.डी. टंडन और अशोक टंडन शामिल हैं।
