आत्मज्ञान भवन आमापारा में 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6:30 से रात 10 बजे तक होगा आयोजन, 21 अक्टूबर से पांच दिवसीय निःशुल्क राजयोग शिविर
बालोद। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व-विद्यालय, आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वावधान में पांच देवियों की चैतन्य झांकी का आयोजन किया जा रहा है। यह झांकी 14 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ संचालित होगी। आयोजन की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बीके विजयलक्ष्मी दीदी ने बताया कि मां दुर्गा की यह चैतन्य झांकी अपनी विशेष प्रस्तुति के कारण आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसमें मिट्टी की मूर्तियों के स्थान पर ब्रह्माकुमारी बहनें देवी स्वरूप में एकाग्र मुद्रा में बैठेंगी। वे इतनी स्थिर रहेंगी कि उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होगा, मानो सामने कोई जीवंत प्रतिमा विराजमान हो।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कुछ मिनटों तक एक स्थान पर स्थिर बैठना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, वहीं ब्रह्माकुमारी बहनें राजयोग के नियमित अभ्यास के माध्यम से लगभग तीन घंटे तक एक ही अवस्था में मन को एकाग्र रखती हैं। इस साधना में मानसिक एकाग्रता और आत्मानुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
बीके विजयलक्ष्मी दीदी के अनुसार, राजयोग ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्रों में सिखाई जाने वाली प्रमुख विधा है, जिसका प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क दिया जाता है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने मन को परमात्मा के दिव्य स्वरूप में एकाग्र करना और आंतरिक शांति एवं शक्ति का अनुभव करना सीखता है।
21 अक्टूबर से शुरू होगा पांच दिवसीय राजयोग शिविर
नवरात्रि के बाद 21 अक्टूबर से आत्मज्ञान भवन में पांच दिवसीय राजयोग शिविर प्रारंभ होगा। इसमें कोई भी भाई-बहन अपनी सुविधानुसार सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच अथवा शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच एक घंटे का समय चुनकर भाग ले सकता है। आयोजकों ने इच्छुक लोगों से शिविर का लाभ लेने की अपील की है।

