42 वर्ष की शिक्षकीय सेवा के बाद श्री जीवित राम जी को दी गई भावभीनी विदाई

Darshan Balod
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सनावल में सेवानिवृत्त प्रधानपाठक का सम्मान समारोह आयोजित, विदाई गीत और कविता पाठ ने माहौल को बनाया भावुक

बलरामपुर-रामानुजगंज। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सनावल एवं शासकीय प्राथमिक शाला सनावल के प्रांगण में 8 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त प्रधानपाठक श्री जीवित राम जी के सम्मान में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। लगभग 42 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाले जीवित राम को शिक्षक-शिक्षिकाओं, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों ने सम्मानित कर उनके योगदान को याद किया। समारोह में उनके लंबे शिक्षकीय जीवन, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और विद्यालय के विकास में निभाई गई भूमिका की सराहना की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का तिलक, बैज और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। श्री शिवशक्ति पाठक द्वारा तैयार स्वागत एवं विदाई गीत ने समारोह को भावुक बना दिया। वहीं, शिक्षक अकील खान के कविता पाठ ने उपस्थित लोगों को कार्यक्रम से जोड़े रखा। शिवशक्ति पाठक ने जीवित राम के जीवन और सेवाकाल पर आधारित जीवनी एवं कविता का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया।

समारोह में उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने अपने उद्बोधन में जीवित राम के सेवाकाल को याद करते हुए उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी होता है। वह विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उनके व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने का कार्य करता है।

जीवित राम का जन्म 1 मई 1964 को ग्राम रेहड़ा में हुआ था। उन्होंने शंकरगढ़ में कक्षा 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। 20 मार्च 1984 को उनकी पहली पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला सेमरवा में हुई। वर्ष 2010 में उन्होंने शासकीय प्राथमिक शाला कामेश्वरनगर में प्रधानपाठक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2015 से 2026 तक शासकीय प्राथमिक शाला सनावल में प्रधानपाठक के रूप में सेवाएं देते हुए उन्होंने विद्यालय और विद्यार्थियों के हित में कार्य किया।

उनके शिक्षकीय जीवन पर आधारित कविता ‘विदाई की बेला’ का पाठ शिक्षक अकील खान ने किया। कविता में जीवित राम के 42 वर्ष से अधिक के सेवाकाल, वनांचल में शिक्षा के प्रसार, विद्यार्थियों के प्रति स्नेह, योग-व्यायाम एवं खेल गतिविधियों में रुचि और कर्तव्य के प्रति समर्पण का भावपूर्ण उल्लेख किया गया। कविता के माध्यम से उनके सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने उनके साथ बिताए पलों को याद किया तथा उनके स्वस्थ और सुखमय भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के अंत में जीवित राम ने अपने शिक्षकीय जीवन के अनुभव साझा किए और उपस्थित लोगों को आशीर्वचन दिए। उन्हें श्रीफल, शाल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सहित ग्राम सनावल के पूर्व सरपंच एवं वर्तमान पंच परीक्षा ठाकुर, पंच विक्की सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि प्रदीप सांडिल्य, अशोक कुशवाहा, सनावल ‘अ’ के पूर्व संकुल प्राचार्य निरंजन पटेल, सनावल ‘ब’ के संकुल प्राचार्य महेश कुमार यादव, संकुल समन्वयक उमेश कुशवाहा एवं काशीराम ध्रुवे सहित प्रधानपाठक भगन राम रवि, राम कैलाश, श्याम यादव, रोहित तिर्की और शिवप्रसाद सिंह उपस्थित रहे।

इसके अलावा शिवशक्ति पाठक, संजय तिर्की, अकील खान, कश्यप सर, टोप्पो सर, रविशंकर गुप्ता, सरूता सर, वीरेंद्र सर, भगत सर, प्रहलाद टंडन, अंजली पटेल, सुखमनिया एक्का, राजकुमारी, कलावती मरावी, रूबी यादव, नताशा लकड़ा, विद्यालय के भृत्यगण, विद्यार्थी एवं ग्रामवासी भी शामिल हुए। सभी ने जीवित राम के भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को याद किया।

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