जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
बालोद, 6 अक्टूबर 2026। ग्राम सभा तुएगोंदी को अब सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में निर्णय मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम सभा के सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों को सुनिश्चित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, श्रीमती चुन्नी मानकर, सुश्री नीलिमा श्याम, श्रीमती प्रभा नायक तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, बालोद उपस्थित रहे।
सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र मिलने के बाद ग्राम सभा तुएगोंदी को वन क्षेत्र से जुड़े सामुदायिक अधिकारों के संरक्षण, प्रबंधन और उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। इससे ग्राम सभा को स्थानीय वन संसाधनों के संरक्षण तथा उनके सतत उपयोग के लिए सामुदायिक स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अधिकार और जिम्मेदारी प्राप्त होगी।
वन संरक्षण में बढ़ेगी स्थानीय समुदाय की भूमिका
सामुदायिक वन संसाधन अधिकार का उद्देश्य स्थानीय समुदायों की वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में भागीदारी को मजबूत करना है। अधिकार पत्र मिलने के बाद ग्राम सभा अपने पारंपरिक वन संसाधनों के संरक्षण, उपयोग और प्रबंधन से जुड़े विषयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेगी।
जिला स्तरीय वन अधिकार समिति का यह निर्णय वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र ग्राम सभाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय समुदाय और वन क्षेत्र के बीच पारंपरिक संबंधों को संस्थागत आधार मिलने के साथ ही वन संरक्षण एवं सतत उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
