गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश, निर्माण व संधारण कार्य समय-सीमा में पूरा करने पर जोर
बालोद। जिले में ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण एवं संधारण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत, निर्माणाधीन, नवीनीकरण और रखरखाव वाले सड़क एवं पुल-पुलियों के कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए अधीक्षण अभियंता पी. मोहन राय सोनी ने 6 अक्टूबर को डौंडी एवं बालोद विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण मार्गों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं संबंधित ठेकेदारों को निर्माणाधीन एवं संधारण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता जांची
निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 के तहत पैकेज क्रमांक सीजी 21-112 में शामिल दो सड़कों का अवलोकन किया गया। इनमें एसएच-05 से शिकारीटोला-करियाटोला तथा पिच्चेटोला-जाबकसा से पेटेचुआ रोड शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता ने दोनों मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप होना चाहिए और कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
संधारण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। पिपरछेड़ी से निमोरा, बिटाल से धोबेदण्ड तथा झीकाटोला से दर्राटोला मार्ग सहित अन्य प्रमुख सड़कों के संधारण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण और नियमित संधारण से आवागमन की सुविधा बेहतर होगी तथा ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम परिवहन का लाभ मिलेगा।


