पिछले माह सांकरा-जगन्नाथपुर के शिकारीपारा में भी प्रशासन ने किया था हस्तक्षेप, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सूचना पर पहुंची थी टीम
बालोद। जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा जागरूकता, निगरानी और त्वरित कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर को ग्राम जामगांव (क) में बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और समझाइश देकर विवाह रुकवाया। परिवार को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों तथा इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में विभागीय टीम ने संबंधित परिवार से संपर्क किया। टीम ने समझाया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। परिवार ने समझाइश स्वीकार करते हुए बाल विवाह नहीं करने संबंधी घोषणा पत्र प्रस्तुत किया।
सांकरा-जगन्नाथपुर में भी हुआ था प्रशासनिक हस्तक्षेप
बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की सतर्कता का एक मामला पिछले माह सांकरा-जगन्नाथपुर के शिकारीपारा में भी सामने आया था। यहां एक करीब 20 वर्षीय युवक के विवाह की जानकारी मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तत्परता से संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल संरक्षण से जुड़ी टीम मौके पर पहुंची और परिवार से चर्चा कर विवाह को रुकवाया गया।
हालांकि 20 वर्ष की उम्र बाल विवाह की कानूनी श्रेणी में नहीं आती, लेकिन मामले में प्रशासनिक टीम ने परिस्थितियों को देखते हुए परिवार से चर्चा की और आवश्यक समझाइश दी। इस घटना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की समय पर सूचना और विभागों के समन्वित प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जागरूकता से सुरक्षित होगा बच्चों का भविष्य
प्रशासन का कहना है कि बाल विवाह केवल सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। समय पर मिलने वाली सूचना से ऐसे मामलों में प्रभावी हस्तक्षेप किया जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
जामगांव में हुई कार्रवाई में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं उपसरपंच, परियोजना अधिकारी बालोद, सेक्टर सुपरवाइजर, संरक्षण अधिकारी संस्थागत एवं गैर-संस्थागत, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक एवं सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी नाबालिग के विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचना दें। समय पर दी गई एक सूचना किसी बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


