गुंडरदेही। गुरु बालकदास शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोडेला में भारतीय ज्ञान संस्कृति परीक्षा 2026 का आयोजन उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में किया गया। परीक्षा में विद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भारतीय ज्ञान, संस्कृति, परंपराओं एवं जीवन-मूल्यों से जुड़े प्रश्नों को हल किया।
भारतीय ज्ञान संस्कृति परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, संस्कार, महापुरुषों, धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं तथा नैतिक मूल्यों से परिचित कराना और उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने पूरे अनुशासन और मनोयोग के साथ परीक्षा में भाग लिया।
परीक्षा का आयोजन शिक्षिका श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन जीने की कला, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, संस्कार, सदाचार, अनुशासन और मानव कल्याण की भावना निहित है। विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और विरासत को जानने तथा उसके सकारात्मक मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक श्री आर.के. हिरवानी का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की परीक्षाएं बच्चों में सामान्य ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति रुचि और जागरूकता उत्पन्न करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लगन एवं उत्साह के साथ ऐसी शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
परीक्षा के दौरान विद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह रहा। विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों में अपनी जानकारी को परखा और कई नई जानकारियां भी प्राप्त कीं। आयोजन से विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि, जिज्ञासा तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने की भावना को बढ़ावा मिला।
परीक्षा के सफल आयोजन में शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी, प्रधान पाठक आर.के. हिरवानी सहित विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भारतीय ज्ञान एवं संस्कृति के अध्ययन के लिए निरंतर प्रेरित किया।


