रायपुर में मिला शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026, बालोद में गुरु गौरव सम्मान और गुंडरदेही में भक्त माता कर्मा तैलिक ज्ञान प्रतिभा खोज शिक्षाविद् सम्मान से हुए अलंकृत
बालोद। शिक्षा, साहित्य, सामाजिक सेवा और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के शिक्षाविद् एवं नवोदित साहित्यकार धर्मेंद्र कुमार श्रवण को तीन अलग-अलग मंचों पर सम्मानित किया गया। राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त एवं मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से सम्मानित शिक्षक श्रवण को रायपुर में शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026, बालोद में गुरु गौरव सम्मान 2026 तथा गुंडरदेही में भक्त माता कर्मा तैलिक ज्ञान प्रतिभा खोज शिक्षाविद् सम्मान 2026 से अलंकृत किया गया। उनकी इन उपलब्धियों से शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
रायपुर में मिला शिक्षा शिल्पी सम्मान 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय के सभागार, नया रायपुर में कलिंगा विश्वविद्यालय एवं एम.डी. एजुकेशन सोसाइटी, सरायपाली के संयोजन में शिक्षाविद् सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि शिक्षाविद् एवं राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता डॉ. अनिल प्रधान विशेष अतिथि और कार्यक्रम संयोजक के रूप में शामिल हुए।
समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे 125 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शासकीय विद्यालय सेजेस खलारी में पदस्थ गणित के व्याख्याता धर्मेंद्र कुमार श्रवण को शैक्षणिक चेतना के प्रसार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, साक्षरता वृद्धि, व्यक्तित्व विकास और बेहतर अध्यापन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए एजुकेशन स्कल्पटर अवार्ड 2026 (शिक्षा शिल्पी सम्मान) प्रदान किया गया। उन्हें आकर्षक स्मृति चिह्न, सुरक्षा कवच, शिक्षा शिल्पी स्मारिका एवं शिक्षा सारांश पत्रिका भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस आयोजन में धर्मेंद्र कुमार श्रवण की भूमिका केवल सम्मानित शिक्षक तक सीमित नहीं रही। वे कार्यक्रम के उद्घोषक होने के साथ-साथ कोर कमेटी के सक्रिय सदस्य भी रहे। उन्होंने शिक्षकों को जोड़ने, कार्यक्रम के संचालन और आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रभावशाली एवं रोचक मंच संचालन ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
इस अवसर पर श्री श्रवण ने शिक्षक की भूमिका को समाज निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षक अपनी ज्ञानात्मक एवं सह-संज्ञानात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करते हैं। शिक्षक ही आने वाली पीढ़ी को संस्कारित कर एक सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनका दायित्व विद्यार्थियों को अच्छा नागरिक बनाकर देशसेवा के लिए तैयार करना है।
शिक्षा सारांश के 41वें अंक का हुआ विमोचन
शिक्षा शिल्पी सम्मान समारोह के दौरान शैक्षिक मासिक पत्रिका शिक्षा सारांश के 41वें अंक का भी विमोचन किया गया। पत्रिका के संपादकीय मंडल में सक्रिय भूमिका निभाने वाले धर्मेंद्र कुमार श्रवण ने प्रधान संपादक राजेश कुमार सूर्यवंशी के सहयोग से इस अंक को तैयार करने में योगदान दिया।
पत्रिका में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और उपलब्धियों के साथ उनकी स्वरचित कविताओं, कहानियों, गीतों तथा नैतिक प्रसंगों को स्थान दिया गया है। वहीं, शिक्षा शिल्पी स्मारिका में सम्मानित 125 से अधिक शिक्षकों के कार्यकाल की उपलब्धियों और उल्लेखनीय कार्यों का संकलन किया गया।
बालोद में गुरु गौरव सम्मान 2026 से हुए सम्मानित
शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को समाज के सामने लाने की पहल के तहत दर्शन बालोद एवं डेली बालोद न्यूज परिवार द्वारा एनटीसीएफ (नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन) के सहयोग से बालोद के कला केंद्र में राज्य स्तरीय गुरु गौरव सम्मान 2026 समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 150 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस गरिमामयी आयोजन में धर्मेंद्र कुमार श्रवण को शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा, त्याग, समर्पण, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए गुरु गौरव सम्मान 2026 से नवाजा गया। उन्हें आकर्षक फोटो फ्रेमयुक्त प्रशस्ति पत्र, श्रीफल, स्मृति चिह्न एवं दर्शन बालोद पत्रिका प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत सभापति दमयंती सुभाष हरदेल, जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू तथा एनटीसीएफ के अध्यक्ष अरुण साहू सहित अन्य अतिथियों ने शिक्षकों को सम्मानित किया। इस आयोजन की पहल दर्शन बालोद एवं डेली बालोद न्यूज के संस्थापक दीपक कुमार यादव के नेतृत्व में की गई थी।
धर्मेंद्र कुमार श्रवण शिक्षा के साथ साहित्य साधना में भी सक्रिय हैं। वे समसामयिक घटनाओं, आध्यात्मिक विषयों और वर्तमान सामाजिक परिवेश पर आधारित छंदबद्ध रचनाएं करते हैं। उनकी कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी वे विभिन्न मंचों से सम्मानित हो चुके हैं।
गुंडरदेही में मिला भक्त माता कर्मा तैलिक ज्ञान प्रतिभा खोज शिक्षाविद् सम्मान 2026
गुंडरदेही तहसील साहू समाज के तत्वावधान में भक्त कर्मा भवन, गुंडरदेही में जिला स्तरीय शिक्षक प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर धर्मेंद्र कुमार श्रवण को समाज के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास में योगदान और भक्त माता कर्मा तैलिक ज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भक्त माता कर्मा तैलिक ज्ञान प्रतिभा खोज शिक्षाविद् सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि 12 अप्रैल 2026 को आयोजित इस प्रतिभा खोज परीक्षा का उद्देश्य साहू समाज के विद्यार्थियों को समाज के उद्भव एवं विकास, संस्कृति, सभ्यता, समसामयिक घटनाओं, नैतिक शिक्षा और तार्किक सामान्य ज्ञान से परिचित कराना था। परीक्षा का आयोजन बालोद जिले के पांचों विकासखंडों के चयनित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर किया गया।
इस परीक्षा में धर्मेंद्र कुमार श्रवण को महाविद्यालय स्तर के प्रश्नपत्र निर्माण एवं परीक्षा संचालन के लिए बालोद जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने संत कबीर पब्लिक स्कूल, बालोद में परीक्षा संचालन का दायित्व निभाया। इससे पहले वर्ष 2018 में बालोद जिला मुख्यालय के टाउन हॉल में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 400 से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान कार्यक्रम में भी उन्होंने कंप्यूटर के माध्यम से पंजीयन कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दिया था।
साहू समाज के प्रति उनकी निष्ठा, सेवाभाव, समर्पण और शैक्षणिक गतिविधियों में योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में जिला साहू समाज बालोद के अध्यक्ष महेंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ रायपुर के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र साहू, गुंडरदेही तहसील साहू समाज के डॉ. मान सिंह सार्वां, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
वर्तमान में धर्मेंद्र कुमार श्रवण को प्रदेश स्तरीय कर्मचारी-अधिकारी प्रकोष्ठ के सहसंयोजक पद पर भी नियुक्त किया गया है। उनकी यह उपलब्धि समाज के शैक्षणिक और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता
धर्मेंद्र कुमार श्रवण की इन उपलब्धियों ने बालोद जिले को गौरवान्वित किया है। शिक्षण कार्य के साथ साहित्य सृजन, सामाजिक गतिविधियों, शैक्षणिक नवाचार और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने में उनकी सक्रियता प्रेरणादायक है। तीन अलग-अलग मंचों पर प्राप्त सम्मान उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और बहुआयामी योगदान को रेखांकित करते हैं। शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।



